भजन - Bhajan 21
भजन - Bhajan 21

भजन - Bhajan 21

भगवान पर विश्वास करने का आनंद

प्रसंग: भजन 21 में एक राजा की विजयपूर्ण शासन की प्रशंसा की गई है जो ईश्वर पर भरोसा करता है। प्रार्थनाएं सुनने, सफलता प्राप्त करने, अधिक सुख और लम्बी जीवन के साथ उसे आशीर्वाद देने के लिए प्रभु की प्रशंसा की गई है। शासक के शत्रु हराए जाएंगे और भगवान का नाम सदैव उच्च किया जाएगा।
1हे यहोवा तेरी सामर्थ्य से राजा आनन्दित होगा;
2तूने उसके मनोरथ को पूरा किया है,
3क्योंकि तू उत्तम आशीषें देता हुआ उससे मिलता है
4उसने तुझसे जीवन माँगा, और तूने जीवनदान दिया;
5तेरे उद्धार के कारण उसकी महिमा अधिक है;
6क्योंकि तूने उसको सर्वदा के लिये आशीषित किया है;
7क्योंकि राजा का भरोसा यहोवा के ऊपर है;
8तेरा हाथ तेरे सब शत्रुओं को ढूँढ़ निकालेगा,
9तू अपने मुख के सम्मुख उन्हें जलते हुए भट्ठे
10तू उनके फलों को पृथ्वी पर से,
11क्योंकि उन्होंने तेरी हानि ठानी है,
12क्योंकि तू अपना धनुष उनके विरुद्ध चढ़ाएगा,
13हे यहोवा, अपनी सामर्थ्य में महान हो;
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