1हे मेरे परमेश्वर, मुझ को शत्रुओं से बचा,
2मुझ को बुराई करनेवालों के हाथ से बचा,
3क्योंकि देख, वे मेरी घात में लगे हैं;
4मैं निर्दोष हूँ तो भी वे मुझ से लड़ने को मेरी ओर दौड़ते है;
5हे सेनाओं के परमेश्वर यहोवा,
6वे लोग सांझ को लौटकर कुत्ते के समान गुर्राते हैं,
7देख वे डकारते हैं, उनके मुँह के भीतर तलवारें हैं,
8परन्तु हे यहोवा, तू उन पर हँसेगा;
9हे परमेश्वर, मेरे बल, मैं तुझ पर ध्यान दूँगा,
10परमेश्वर करुणा करता हुआ मुझसे मिलेगा;
11उन्हें घात न कर, ऐसा न हो कि मेरी प्रजा भूल जाए;
12वह अपने मुँह के पाप, और होंठों के वचन,
13जलजलाहट में आकर उनका अन्त कर,
14वे सांझ को लौटकर कुत्ते के समान गुर्राते,
15वे टुकड़े के लिये मारे-मारे फिरते,
16परन्तु मैं तेरी सामर्थ्य का यश गाऊँगा,
17हे मेरे बल, मैं तेरा भजन गाऊँगा,