भजन - Bhajan 90
भजन - Bhajan 90

भजन - Bhajan 90

शाश्वत भगवान और मानव.

प्रस्तावना: प्रार्थना की पुस्तक 90 मौसे की एक प्रार्थना है जो परमेश्वर की शाश्वत स्वभाव और मानव जीवन की क्षीणता को स्वीकार करती है। मौसे मानव अस्तित्व के अल्पकाल के ऊपर परमात्मा के चिरस्थायित्व के तुलन में विचार करते हैं। वह परमेश्वर से दया और करुणा के लिए विनती करते हैं, इस्राइलियों के लिए दैवी मार्गदर्शन और सुरक्षा के लिए प्रार्थना करते हैं।
1हे प्रभु, तू पीढ़ी से पीढ़ी तक हमारे लिये धाम बना है।
2इससे पहले कि पहाड़ उत्‍पन्‍न हुए,
3तू मनुष्य को लौटाकर मिट्टी में ले जाता है,
4क्योंकि हज़ार वर्ष तेरी दृष्टि में ऐसे हैं,
5तू मनुष्यों को धारा में बहा देता है;
6वह भोर को फूलती और बढ़ती है,
7क्योंकि हम तेरे क्रोध से भस्म हुए हैं;
8तूने हमारे अधर्म के कामों को अपने सम्मुख,
9क्योंकि हमारे सब दिन तेरे क्रोध में बीत जाते हैं,
10हमारी आयु के वर्ष सत्तर तो होते हैं,
11तेरे क्रोध की शक्ति को
12हमको अपने दिन गिनने की समझ दे कि हम बुद्धिमान हो जाएँ।
13हे यहोवा, लौट आ! कब तक?
14भोर को हमें अपनी करुणा से तृप्त कर,
15जितने दिन तू हमें दुःख देता आया,
16तेरा काम तेरे दासों को,
17हमारे परमेश्‍वर यहोवा की मनोहरता हम पर प्रगट हो,
Divider