रोमियों किताब 11:19
“फिर तू कहेगा, “डालियाँ इसलिए तोड़ी गई, कि मैं साटा जाऊँ।””
संदर्भ: रोमियों किताब 11
17और यदि कई एक डाली तोड़ दी गई, और तू जंगली जैतून होकर उनमें साटा गया, और जैतून की जड़ की चिकनाई का भागी हुआ है।
18तो डालियों पर घमण्ड न करना; और यदि तू घमण्ड करे, तो जान रख, कि तू जड़ को नहीं, परन्तु जड़ तुझे सम्भालती है।
19फिर तू कहेगा, “डालियाँ इसलिए तोड़ी गई, कि मैं साटा जाऊँ।”
20भला, वे तो अविश्वास के कारण तोड़ी गई, परन्तु तू विश्वास से बना रहता है इसलिए अभिमानी न हो, परन्तु भय मान,
21क्योंकि जब परमेश्वर ने स्वाभाविक डालियाँ न छोड़ी, तो तुझे भी न छोड़ेगा।
रोमियों किताब 11 के बारे में: इजरायल का अस्वीकृति और गैर-यहूदी पर्याप्ति

पौल सिखाते हैं कि कुछ इस्राइलियों की अस्वीकृति यह नहीं मतलब है कि भगवान ने उन्हें पूरी तरह से अस्वीकार कर दिया है, और जहाँती भी मुक्ति की योजना में शामिल हैं।
व्याख्या
रोमियों 11 एक अध्याय है जो परमेश्वर की विश्वासनीयता और सभी मानवता के उद्धार के लिए उसकी योजना की महत्वपूर्णता की बात करता है। पौल पवित्र शास्त्र में यह जानकारी देते हैं।
पूरा टेक्स्ट अनुवाद किया गया है।