रोमियों किताब 9:5

“पूर्वज भी उन्हीं के हैं, और मसीह भी शरीर के भाव से उन्हीं में से हुआ, जो सब के ऊपर परम परमेश्‍वर युगानुयुग धन्य है। आमीन।”
— रोमियों किताब 9:5 (Eliot Indian Bible)

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संदर्भ: रोमियों किताब 9

3क्योंकि मैं यहाँ तक चाहता था, कि अपने भाइयों, के लिये जो शरीर के भाव से मेरे कुटुम्बी हैं, आप ही मसीह से श्रापित और अलग हो जाता।

4वे इस्राएली हैं, लेपालकपन का हक़, महिमा, वाचाएँ, व्यवस्था का उपहार, परमेश्‍वर की उपासना, और प्रतिज्ञाएँ उन्हीं की हैं।

5पूर्वज भी उन्हीं के हैं, और मसीह भी शरीर के भाव से उन्हीं में से हुआ, जो सब के ऊपर परम परमेश्‍वर युगानुयुग धन्य है। आमीन।

6परन्तु यह नहीं, कि परमेश्‍वर का वचन टल गया, इसलिए कि जो इस्राएल के वंश हैं, वे सब इस्राएली नहीं;

7और न अब्राहम के वंश होने के कारण सब उसकी सन्तान ठहरे, परन्तु (लिखा है) “इसहाक ही से तेरा वंश कहलाएगा।”

रोमियों किताब 9 के बारे में: भगवान की प्रभुता और चुनाव।

रोमियों किताब 9: भगवान की प्रभुता और चुनाव।

पौल सिखाते हैं कि भगवान द्वारा कुछ लोगों के भव्युत्तरण की चुनौती उनकी स्वयं की उद्देश्य और कृपा पर आधारित होती है।

व्याख्या

रोमियों 9 एक शक्तिशाली अध्याय है जो ईश्वर की प्रभुता और उसके उद्धार के योजना की बात करता है। पौल पहले उस समर्थन व्यक्त करता है जिसमें उसकी सहानुभूति उसके साथी यहूदियों के लिए है जिन्होंने यीशु को मसीह के रूप में स्वीकार नहीं किया। वह स्वीकार करता है कि भगवान ने कुछ को बचाने का निर्णय लिया है और कुछ को नहीं, और यह उसकी दिव्य योजना का हिस्सा है। पौल फिर यह समझाते हैं कि भगवान का चयन उसकी दया और कृपा पर आधारित है, चयनितों के किसी भी योग्यता पर नहीं। उन्होंने यह भी समझाया है कि भगवान का चयन चयनितों के किसी भी कर्म पर नहीं है, बल्कि उसके अपने उद्देश्य और इच्छा पर निर्भर है।

रोमियों किताब 9 में लोग