दानिय्याल 5:3
“तब जो सोने के पात्र यरूशलेम में परमेश्वर के भवन के मन्दिर में से निकाले गए थे, वे लाए गए; और राजा अपने प्रधानों, और रानियों, और रखेलों समेत उनमें से पीने लगा।”
संदर्भ: दानिय्याल 5
1बेलशस्सर नामक राजा ने अपने हज़ार प्रधानों के लिये बड़ी दावत की, और उन हजार लोगों के सामने दाखमधु पिया।
2दाखमधु पीते-पीते बेलशस्सर ने आज्ञा दी, कि सोने-चाँदी के जो पात्र मेरे पिता नबूकदनेस्सर ने यरूशलेम के मन्दिर में से निकाले थे, उन्हें ले आओ कि राजा अपने प्रधानों, और रानियों और रखेलों समेत उनमें से पीए।
3तब जो सोने के पात्र यरूशलेम में परमेश्वर के भवन के मन्दिर में से निकाले गए थे, वे लाए गए; और राजा अपने प्रधानों, और रानियों, और रखेलों समेत उनमें से पीने लगा।
4वे दाखमधु पी पीकर सोने, चाँदी, पीतल, लोहे, काठ और पत्थर के देवताओं की स्तुति कर ही रहे थे,
5कि उसी घड़ी मनुष्य के हाथ की सी कई उँगलियाँ निकलकर दीवट के सामने राजभवन की दीवार के चूने पर कुछ लिखने लगीं; और हाथ का जो भाग लिख रहा था वह राजा को दिखाई पड़ा।
दानिय्याल 5 के बारे में: दीवार पर लिखे गए शब्द

इस धारा में दानियेल की पांचवीं अध्याय में बेलशज्जर के अपराधों की सजा की भविष्यवाणी दी गई है, जो उनके दावेदारी के दौरान दीगई मिली रहस्यमय लिखाई से प्रकट होती है।
व्याख्या
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