यहेजकेल 17:12
“क्या तुम इन बातों का अर्थ नहीं समझते? फिर उनसे कह, बाबेल के राजा ने यरूशलेम को जाकर उसके राजा और प्रधानों को लेकर अपने यहाँ बाबेल में पहुँचाया।”
संदर्भ: यहेजकेल 17
10चाहे, वह लगी भी रहे, तो भी क्या वह फूले फलेगी? जब पुरवाई उसे लगे, तब क्या वह बिलकुल सूख न जाएगी? वह तो जहाँ उगी है उसी क्यारी में सूख जाएगी।”
11फिर यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुँचा : “उस बलवा करनेवाले घराने से कह,
12क्या तुम इन बातों का अर्थ नहीं समझते? फिर उनसे कह, बाबेल के राजा ने यरूशलेम को जाकर उसके राजा और प्रधानों को लेकर अपने यहाँ बाबेल में पहुँचाया।
13तब राजवंश में से एक पुरुष को लेकर उससे वाचा बाँधी, और उसको वश में रहने की शपथ खिलाई, और देश के सामर्थी पुरुषों को ले गया।
14कि वह राज्य निर्बल रहे और सिर न उठा सके, वरन् वाचा पालने से स्थिर रहे।
यहेजकेल 17 के बारे में: दो बाज और अंगूर की कहानी

इज़ेकिएल अध्याय 17 में, भगवान ने जूदा के नेतृत्व को उनकी अविश्वासीता और अवज्ञा के लिए निरंकुश करने के लिए दो गरुड़ों और एक वाइन की कहानी का उपयोग किया। पहला गरुड़ बाबिल के नेबुकदनेजर को प्रतिनिधित्व करता है, जो जूदा से एक छोटी सी डाल को लेकर उसे अपने बगीचे में लगाता है। दूसरा गरुड़ मिस्र को प्रतिनिधित्व करता है, जो संरक्षण प्रदान करके वाइन को पुनर्जीवित करने की कोशिश करता है, लेकिन असफल रहता है। अंततः, भगवान वादा करते हैं कि वे स्वयं मामलों को अपने हाथ में लेंगे और जूदा के राज्य को पुनर्स्थापित करेंगे।
व्याख्या
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