उत्पत्ति 18:2

“उसने आँख उठाकर दृष्टि की तो क्या देखा, कि तीन पुरुष उसके सामने खड़े हैं। जब उसने उन्हें देखा तब वह उनसे भेंट करने के लिये तम्बू के द्वार से दौड़ा, और भूमि पर गिरकर दण्डवत् की और कहने लगा,”
— उत्पत्ति 18:2 (Eliot Indian Bible)

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संदर्भ: उत्पत्ति 18

1अब्राहम मम्रे के बांज वृक्षों के बीच कड़ी धूप के समय तम्बू के द्वार पर बैठा हुआ था, तब यहोवा ने उसे दर्शन दिया:

2उसने आँख उठाकर दृष्टि की तो क्या देखा, कि तीन पुरुष उसके सामने खड़े हैं। जब उसने उन्हें देखा तब वह उनसे भेंट करने के लिये तम्बू के द्वार से दौड़ा, और भूमि पर गिरकर दण्डवत् की और कहने लगा,

3“हे प्रभु, यदि मुझ पर तेरी अनुग्रह की दृष्टि है तो मैं विनती करता हूँ, कि अपने दास के पास से चले न जाना।

4मैं थोड़ा सा जल लाता हूँ और आप अपने पाँव धोकर इस वृक्ष के तले विश्राम करें।

उत्पत्ति 18 के बारे में: इसक की जन्म का वादा।

उत्पत्ति 18: इसक की जन्म का वादा।

भागवत गाथा के अध्याय 18 का सारांश: भगवान इब्राहीम के पास आते हैं और उन्हें बताते हैं कि उनकी वृद्धा पत्नी सारा एक पुत्र को जन्म देगी। इब्राहीम हंसते हैं, परंतु सारा गर्भवती हो जाती है और उसे यित्सहक नामक पुत्र की प्रसूति होती है।

व्याख्या

उससे पहले उन तीन आदमियों की यात्रा के बारे में उस यहूदी आदमी इब्राहीम और सारे से बातचीत है जिन्हें बाद में परमेश्वर के दूतों के रूप में पहचाना जाता है और यह बताने के लिए भेजा गया है कि इब्राहीम और सारे का एक पुत्र होगा। यह यहूदी धर्मग्रंथ में महत्वपूर्ण वक्तव्य है क्योंकि इससे स्पष्ट होता है कि परमेश्वर ने इब्राहीम को वचन दिया था कि उसे अनेक जातियों का पिता बनाएंगे।

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