उत्पत्ति 25:9
“उसके पुत्र इसहाक और इश्माएल ने, हित्ती सोहर के पुत्र एप्रोन की मम्रे के सम्मुखवाली भूमि में, जो मकपेला की गुफा थी, उसमें उसको मिट्टी दी;”
संदर्भ: उत्पत्ति 25
7अब्राहम की सारी आयु एक सौ पचहत्तर वर्ष की हुई।
8अब्राहम का दीर्घायु होने के कारण अर्थात् पूरे बुढ़ापे की अवस्था में प्राण छूट गया; और वह अपने लोगों में जा मिला।
9उसके पुत्र इसहाक और इश्माएल ने, हित्ती सोहर के पुत्र एप्रोन की मम्रे के सम्मुखवाली भूमि में, जो मकपेला की गुफा थी, उसमें उसको मिट्टी दी;
10अर्थात् जो भूमि अब्राहम ने हित्तियों से मोल ली थी; उसी में अब्राहम, और उसकी पत्नी सारा, दोनों को मिट्टी दी गई।
11अब्राहम के मरने के पश्चात् परमेश्वर ने उसके पुत्र इसहाक को जो लहैरोई नामक कुएँ के पास रहता था, आशीष दी।
उत्पत्ति 25 के बारे में: एसाव और जेकब का जन्म

अब्राहम ने केतुराह के साथ और बच्चे पैदा किए और फिर 175 वर्ष की आयु में मर गए।
व्याख्या
उत्पत्ति 25 एसाउ और याकूब की जन्म की कहानी है, जो इसहाक और रिबेका के जुड़वा पुत्र हैं। यह एक भाई-बहन की द्वन्द्व और उनके माता-पिता द्वारा किये गए चुनौतीपूर्ण चुनावों के परिणामों की कहानी है।
अध्याय एसाऊ और याकूब के जन्म से शुरू होता है। एसाउ को "लाल, बालदार आदमी" कहा गया है जबकि याकूब को "मुलायम आदमी" कहा गया है। यह शारीरिक भिन्नता दो भाइयों के जीवन में लिए जाने वाले विभिन्न मार्गों का प्रतीक है। एसाउ एक शिकारी और प्राकृतिक सुंदरता का आदमी है, जबकि याकूब एक घर का आदमी और धर्म का आदमी है।