उत्पत्ति 33:3

“और आप उन सबके आगे बढ़ा और सात बार भूमि पर गिरकर दण्डवत् की, और अपने भाई के पास पहुँचा।”
— उत्पत्ति 33:3 (Eliot Indian Bible)

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संदर्भ: उत्पत्ति 33

1और याकूब ने आँखें उठाकर यह देखा, कि एसाव चार सौ पुरुष संग लिये हुए चला आता है। तब उसने बच्चों को अलग-अलग बाँटकर लिआ और राहेल और दोनों दासियों को सौंप दिया।

2और उसने सबके आगे लड़कों समेत दासियों को उसके पीछे लड़कों समेत लिआ को, और सबके पीछे राहेल और यूसुफ को रखा,

3और आप उन सबके आगे बढ़ा और सात बार भूमि पर गिरकर दण्डवत् की, और अपने भाई के पास पहुँचा।

4तब एसाव उससे भेंट करने को दौड़ा, और उसको हृदय से लगाकर, गले से लिपटकर चूमा; फिर वे दोनों रो पड़े।

5तब उसने आँखें उठाकर स्त्रियों और बच्चों को देखा; और पूछा, “ये जो तेरे साथ हैं वे कौन हैं?” उसने कहा, “ये तेरे दास के लड़के हैं, जिन्हें परमेश्‍वर ने अनुग्रह करके मुझको दिया है।”

उत्पत्ति 33 के बारे में: जेकब एसाव से मिलता है

उत्पत्ति 33: जेकब एसाव से मिलता है

जैकब और इसाव की मेलजोल हो जाती है और जैकब अपने परिवार को बेथेल ले जाता है।

व्याख्या

उत्पत्ति 33 एक अध्याय है जिसपर जेकब और एसौ के पुनर्मिलन पर ध्यान केंद्रित है। एक लंबी अलगाव के बाद, दो भाइयों का फिर से मिलना होता है और एक साथ सुलह होती है। यह अध्याय क्षमा और सुलह के महत्व की एक शक्तिशाली याद दिलाता है।

अध्याय जेकब द्वारा दूतों को अग्रिम सूचना भेजकर एसौ को उसके करीब आने के बारे में सूचित करने से शुरू होता है। उसके फिर अपने परिवार को दो समूहों में बाँटते हैं, ताकि यदि एसौ एक समूह पर हमला करता है, तो दूसरा समूह बचने के योग्य हो। यह जेकब का भाई के प्रति भय दिखाता है, भले उसे भगवान की कृपा प्राप्त हो चुकी हो।

उत्पत्ति 33 में लोग