उत्पत्ति 45:14
“और वह अपने भाई बिन्यामीन के गले से लिपटकर रोया; और बिन्यामीन भी उसके गले से लिपटकर रोया।”
संदर्भ: उत्पत्ति 45
12और तुम अपनी आँखों से देखते हो, और मेरा भाई बिन्यामीन भी अपनी आँखों से देखता है कि जो हम से बातें कर रहा है वह यूसुफ है।
13तुम मेरे सब वैभव का, जो मिस्र में है और जो कुछ तुम ने देखा है, उस सब का मेरे पिता से वर्णन करना; और तुरन्त मेरे पिता को यहाँ ले आना।”
14और वह अपने भाई बिन्यामीन के गले से लिपटकर रोया; और बिन्यामीन भी उसके गले से लिपटकर रोया।
15वह अपने सब भाइयों को चूमकर रोया और इसके पश्चात् उसके भाई उससे बातें करने लगे।
16इस बात का समाचार कि यूसुफ के भाई आए हैं, फ़िरौन के भवन तक पहुँच गया, और इससे फ़िरौन और उसके कर्मचारी प्रसन्न हुए।
उत्पत्ति 45 के बारे में: जोसेफ अपने भाइयों को अपनी पहचान दिखाता है

जोसेफ अपने भाइयों को क्षमा करता है और उन्हें बताता है कि वे अपने पिता याकूब और उनके परिवार को मिश्र में ले आएं।
व्याख्या
उत्पत्ति 45 उत्पत्ति के पुस्तक में एक महत्वपूर्ण अध्याय है, क्योंकि यह जोसेफ और उसके भाइयों की पुनर्मिलन की घटना का पता लगाने वाला है। वर्षों की अलगाव के बाद, जोसेफ अपने भाइयों को अपनी वास्तविक पहचान बताते हैं और उनके पिछले गलतियों के लिए उन्हें क्षमा कर देते हैं।
यह अध्याय जोसेफ के भाइयों को अपनी वास्तविक पहचान बताते हुए एक भावनात्मक व्याकुलता से शुरू होता है। उन्हें भावनात्मक अवसाद और रोते हुए प्रभावित होते हैं, और उनके भाइयों को हैरानी होती है। फिर जोसेफ उन्हें बताते हैं कि भगवान ने उनके लिए एक योजना रखी थी, और उनका पीड़ा से उसका भाग था। उन्होंने उन्हें बताया कि ईश्वर ने उन्हें उनके आगे भेजा था ताकि जीवन को संरक्षित रखा जा सके, और कि वे खुद से गुस्सा न करें।