योएल 2:6
“उनके सामने जाति-जाति के लोग पीड़ित होते हैं, सब के मुख मलीन होते हैं।”
संदर्भ: योएल 2
4उनका रूप घोड़ों का सा है, और वे सवारी के घोड़ों के समान दौड़ते हैं।
5उनके कूदने का शब्द ऐसा होता है जैसा पहाड़ों की चोटियों पर रथों के चलने का, या खूँटी भस्म करती हुई लौ का, या जैसे पाँति बाँधे हुए बलवन्त योद्धाओं का शब्द होता है।
6उनके सामने जाति-जाति के लोग पीड़ित होते हैं, सब के मुख मलीन होते हैं।
7वे शूरवीरों के समान दौड़ते, और योद्धाओं की भाँति शहरपनाह पर चढ़ते हैं। वे अपने-अपने मार्ग पर चलते हैं, और कोई अपनी पाँति से अलग न चलेगा।
8वे एक दूसरे को धक्का नहीं लगाते, वे अपनी-अपनी राह पर चलते हैं; शस्त्रों का सामना करने से भी उनकी पाँति नहीं टूटती।
योएल 2 के बारे में: प्रभु का दिन

यह अध्याय प्रभु के दिन की भविष्यवाणी को खोलता है, जिसमें भगवान के धार्मिक निर्णय के लिए तैयारी के लिए पश्चाताप की आवश्यकता को जोर दिया गया है।
व्याख्या
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