लूका 5:25
“वह तुरन्त उनके सामने उठा, और जिस पर वह पड़ा था उसे उठाकर, परमेश्वर की बड़ाई करता हुआ अपने घर चला गया।”
संदर्भ: लूका 5
23सहज क्या है? क्या यह कहना, कि ‘तेरे पाप क्षमा हुए,’ या यह कहना कि ‘उठ और चल फिर?’
24परन्तु इसलिए कि तुम जानो कि मनुष्य के पुत्र को पृथ्वी पर पाप क्षमा करने का भी अधिकार है।” उसने उस लकवे के रोगी से कहा, “मैं तुझ से कहता हूँ, उठ और अपनी खाट उठाकर अपने घर चला जा।”
25वह तुरन्त उनके सामने उठा, और जिस पर वह पड़ा था उसे उठाकर, परमेश्वर की बड़ाई करता हुआ अपने घर चला गया।
26तब सब चकित हुए और परमेश्वर की बड़ाई करने लगे, और बहुत डरकर कहने लगे, “आज हमने अनोखी बातें देखी हैं।”
27और इसके बाद वह बाहर गया, और लेवी नाम एक चुंगी लेनेवाले को चुंगी की चौकी पर बैठे देखा, और उससे कहा, “मेरे पीछे हो ले।”
लूका 5 के बारे में: पहले चेले के बुलाव।

उसका पहला जो निर्वाचन किया जाता था और अनेक चमत्कार किया गया।
व्याख्या
लूका 5 एक अध्याय है जिस पर यीशु के मंत्री केंद्रित और उसके किये गए चमत्कारों पर ध्यान केंद्रित होता है। इस अध्याय में, यीशु अपने पहले शिष्य पेटर, जेम्स और जॉन को बुलाता है, और एक चमत्कारी मछली पकड़ने में सफल होता है। फिर उसने एक कोड़ा और एक लंगड़ा ठीक किया, और एक बड़ी भीड़ को प्रचार किया।
शिष्यों को बुलाना एक महत्वपूर्ण घटना है यीशु के मंत्री में। यह उसकी अधिकार और शक्ति का संकेत है, और इससे उसके मंत्री के शेष हिस्से की तैयारी की जाती है। यीशु का चमत्कारी मछली पकड़ना भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह प्राकृतिक परिस्थितियों पर उसकी शक्ति और उसके अनुयायियों के लिए प्रदान करने की क्षमता का प्रदर्शन करता है।