
ईसा की दृष्टि
प्रकटिकरण 1
यह अध्याय प्रकटीकरण की पुस्तक परिचय करता है और किस दृष्टि का वर्णन करता है जिसे लेखक, योहान, पटमोस द्वीप पर प्राप्त हुआ। लेखक को जो भी दिखाई देता है, उसे लिखने और संदेश को एशिया के सात चर्चों को भेजने के लिए कहा जाता है।
Key figures in प्रकटिकरण

प्रकटिकरण 1
यह अध्याय प्रकटीकरण की पुस्तक परिचय करता है और किस दृष्टि का वर्णन करता है जिसे लेखक, योहान, पटमोस द्वीप पर प्राप्त हुआ। लेखक को जो भी दिखाई देता है, उसे लिखने और संदेश को एशिया के सात चर्चों को भेजने के लिए कहा जाता है।

प्रकटिकरण 2
यह अध्याय ईसा के एक पत्र को धार्मिकसभा द्वारा संबोधित करता है जिन्हें उनके मेहनत और सहनशीलता के लिए प्रशंसा मिलती है, लेकिन उन्हें उनके पहले प्यार को छोड़ देने के लिए भी दोषारोपण किया गया है।

प्रकटिकरण 3
इस अध्याय में समर्थनात्मक होता है जोहनन के साथ बच्चों के पालनापूर्वक साक्षात्कार की सूचना देता है। वह उन्हें उत्ते�्जना देता है कि कृष्णीय पुर्लेय समाज में स्थिति का मान है।

प्रकटिकरण 4
यह अध्याय परगमम सभा को भेजे गए ईसा के पत्र का विवरण शामिल है, जिसमें उन्हें झूठी शिक्षाओं को सहने के लिए दोष दिया गया है और उन्हें पश्चाताप करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।

प्रकटिकरण 5
यह अध्याय थियातीरा के गिर्जाघर को एक पत्र से भगवान की ओर से भेजा गया है, जिसमें उन्हें झूठे शिक्षाओं और अनैतिकता को सहने की दोषी ठहराया गया।

प्रकटिकरण 6
यह अध्याय सात मुहरों के खोलने और पृथ्वी पर लायी जाने वाली न्याय की वर्णना करता है। इस अध्याय में वायुपुत्रों का चारण और उन बड़े समूह का वर्णन है जिनको उद्धार किया जाता है।

प्रकटिकरण 7
यह अध्याय 144,000 और महासंख्या के मोहित होने का वर्णन करता है। यह अध्याय परमेश्वर के लोगों की सुरक्षा और उत्कृष्ट संरक्षण पर जोर देता है।

प्रकटिकरण 8
यह अध्याय सात तुरही बजाने और पृथ्वी पर आने वाले न्याय का वर्णन करता है। इस अध्याय में हिम और आग में रक्त मिलाकर तथा पृथ्वी का तीसरा हिस्सा जलाकर इसे नष्ट होने का वर्णन है।

प्रकटिकरण 9
यह अध्याय पांच दूतों के मुक्त होने और जो किस पृथ्वी पर पीड़ा लाते हैं, का वर्णन करता है। इस अध्याय में नीचे का गड्ढा और पृथ्वी पर राक्षसों के मुक्त होने का भी वर्णन है।

प्रकटिकरण 10
यह अध्याय उस दूत की वर्णना करता है जिसके पास छोटी सी पुस्तिका है और दो साक्षी हैं जो भविष्यवाणी करते हैं और पृथ्वी पर न्याय लाते हैं। इस अध्याय में भविष्यवाणी की महत्वता और भगवान की वचन सुनने की आवश्यकता को भी बलबूत किया गया है।

प्रकटिकरण 11
यह अध्याय दो गवाहों और उनकी सेवा, दो गवाहों की मृत्यु, और सातवां तुरही की ध्वनि का वर्णन करता है। इस अध्याय में भगवान के राज्य की आने की भी घोषणा की गई है और भगवान के भक्तों की प्राप्ति के बारे में।

प्रकटिकरण 12
यह अध्याय महिला (जो ईश्वर के लोगों को प्रतिनिधित करती है) और ड्रैगन (शैतान का प्रतिनिधित्व करते है) के बीच की संघर्ष का वर्णन करता है। यह अध्याय ईश्वर की विजय और उनके लोगों की सुरक्षा को महत्व देता है।

प्रकटिकरण 13
यह अध्याय दो जीवित पशुओं का वर्णन करता है, जो समुद्र से और पृथ्वी से उत्पन्न होते हैं, जो शर की शक्ति और समय के अंत के धोखे का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह अध्याय इन पशुओं की पूजा से चेतावनी देता है और भगवान के प्रति वफादारी को प्रोत्साहित करता है।

प्रकटिकरण 14
यह अध्याय भेड़ (यीशु मसीह) और 144,000 जो जोड़े गए हैं और उसका पालन करते हैं का वर्णन करता है। यह अध्याय।

प्रकटिकरण 15
इस अध्याय में सात विजीय एंजेल्स का वर्णन है जिनके पास सात विवाद हैं, जो पृथ्वी पर अंतिम न्याय लाते हैं। यह अध्याय भगवान की क्रोध को और उसके न्याय की निश्चितता को जोर देता है।

प्रकटिकरण 16
यह अध्याय भूमि पर सात कटोरियों की क्रोध पूर्ण की जा रही है। यह अध्याय भगवान के न्याय की अत्यधिकता और पश्चाताप की आवश्यकता को उजागर करता है।

प्रकटिकरण 17
यह अध्याय महावेश्या का वर्णन करता है, जो अंत काल के झूठे धर्म और भ्रांति को प्रतिनिधित्व करती है। यह अध्याय इसी प्रकार विषाद का भी वर्णन करता है, जो बुराई की राजनीतिक और आर्थिक शक्ति को प्रतिनिधित्व करता है। यह अध्याय झूठे धर्म के प्रभाव में न आने की चेतावनी देता है और परमेश्वर के प्रति वफादारी की प्रोत्साहना करता है।

प्रकटिकरण 18
यह अध्याय बेबिलन का पतन वर्णन करता है, जो झूठे धर्म और अंत के समय के धोखे की विनाश को प्रतिनिधित करता है। इस अध्याय में भगवान के लोगों के लिए यह महत्व उजागर किया गया है कि आप खुद को झूठे धर्म से अलग करें और भगवान के प्रति वफादार रहें।

प्रकटिकरण 19
इस अध्याय में विवाह सुपर ऑफ थे लैंब का वर्णन है, जहां यीशु मसीह अपनी दुल्हन (चर्च) से विवाह करते हैं। यह अध्याय भगवान की भक्तों की आनंद और उत्सव को जोर देता है और यीशु मसीह के दूसरे आगमन का महत्व प्रमुखता देता है।

प्रकटिकरण 20
यह अध्याय हजार वर्षों का वर्णन करता है, जहां शैतान बंधन में है और संत ईसा के साथ राज करते हैं। इस अध्याय में शैतान की हार और अंतिम न्याय का वर्णन भी है। इस अध्याय में ईसा के राज्य और अधिकार पर पूर्ण विजय का महत्वपूर्ण प्रस्तावना है।

प्रकटिकरण 21
यह अध्याय नए आसमान और नई पृथ्वी के सृष्टि का वर्णन करता है, जहाँ परमेश्वर के लोग उसके साथ पूर्ण सांगत्य में रहेंगे। यह अध्याय परमेश्वर के लोगों के पूरी प्रत्यार्थ और मोचन को और सभी पीड़ा और पाप के अंत को जोर देता है।

प्रकटिकरण 22
यह अध्याय नए आकाश और नयी पृथ्वी में जीवन का नदी और जीवन का पेड़ का वर्णन करता है। इस अध्याय में भगवान के राज्य की प्रचुरता और समृद्धि पर जोर दिया जाता है और सभी लोगों को यीशु मसीह में आस्था लाने की आवश्यकता को दर्शाता है।