प्रकटिकरण 19:17
“फिर मैंने एक स्वर्गदूत को सूर्य पर खड़े हुए देखा, और उसने बड़े शब्द से पुकारकर आकाश के बीच में से उड़नेवाले सब पक्षियों से कहा, “आओ, परमेश्वर के बड़े भोज के लिये इकट्ठे हो जाओ,”
संदर्भ: प्रकटिकरण 19
15जाति-जाति को मारने के लिये उसके मुँह से एक चोखी तलवार निकलती है, और वह लोहे का राजदण्ड लिए हुए उन पर राज्य करेगा, और वह सर्वशक्तिमान परमेश्वर के भयानक प्रकोप की जलजलाहट की मदिरा के कुण्ड में दाख रौंदेगा।
16और उसके वस्त्र और जाँघ पर यह नाम लिखा है: “राजाओं का राजा और प्रभुओं का प्रभु।”
17फिर मैंने एक स्वर्गदूत को सूर्य पर खड़े हुए देखा, और उसने बड़े शब्द से पुकारकर आकाश के बीच में से उड़नेवाले सब पक्षियों से कहा, “आओ, परमेश्वर के बड़े भोज के लिये इकट्ठे हो जाओ,
18जिससे तुम राजाओं का माँस, और सरदारों का माँस, और शक्तिमान पुरुषों का माँस, और घोड़ों का और उनके सवारों का माँस, और क्या स्वतंत्र क्या दास, क्या छोटे क्या बड़े, सब लोगों का माँस खाओ।”
19फिर मैंने उस पशु और पृथ्वी के राजाओं और उनकी सेनाओं को उस घोड़े के सवार, और उसकी सेना से लड़ने के लिये इकट्ठे देखा।
प्रकटिकरण 19 के बारे में: बेबशाम की शादी का भोजन

इस अध्याय में विवाह सुपर ऑफ थे लैंब का वर्णन है, जहां यीशु मसीह अपनी दुल्हन (चर्च) से विवाह करते हैं। यह अध्याय भगवान की भक्तों की आनंद और उत्सव को जोर देता है और यीशु मसीह के दूसरे आगमन का महत्व प्रमुखता देता है।
व्याख्या
प्रकाशितवाक्य १९ एक अत्यधिक आनंद और उत्सव का अध्याय है। यह हैवन में एक उच्च स्वर में शुरू होता है जो कहता है, "हल्लेलुय्या! मुक्ति और महिमा और शक्ति हमारे परमेश्वर के हैं"। यह है कि हमे अपनी जीत के लिए परमेश्वर की स्तुति की एक पुकार है।
अध्याय फिर जाकर एक महासंख्या का वर्णन करता है जो हैवन में परमेश्वर की स्तुति और गान कर रही है, "हल्लेलुय्या! क्योंकि हमारा प्रभु परमेश्वर सर्वशक्तिमान है"। यह परमेश्वर की शक्ति और महिमा का एक मजबूत याददाश्त है और उसकी अंतिम जीत का।